आधुनिक और तथाकथित प्रगतिशील विद्वानों का सबसे प्रमुख शगल है "स्त्री विमर्श"। विषय कोई-सा भी हो, स्त्रियों का मुद्दा उसमें जोड़ ही दिया जाता है। राजनीति से लेकर सेना तक और शिक्षा से लेकर व्यवसाय तक स्त्रियों को प्रमुखता देने, उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की बात की जाती है।

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