आपने सुना होगा उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने गंगा एवं यमुना नदियों को "जीवित अस्तित्व" अर्थात् "व्यक्ति" का स्थान दिया है. इसका अर्थ है अब नदियों के "मानवाधिकार" होंगे. नदियों को किसी प्रकार की क्षति पहुँचाना, प्रदूषण करना अब भारतीय दण्ड संहिता के अन्तर्गत एक दण्डनीय अपराध माना जाएगा.

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